मां-बाप ईश्वर का रूप हैं. पृथ्वी पे जाग्रृत भगवान के रूप को तब समझते हैं, जब हम खुद मां-बाप बनते हैं. धीरे-धीरे मां-बाप के प्रति भाव-मान-सन्मान बढता हैं, जब हम उनको कोई खुशी देने के काबिल बनतै है,तब तक तो बहुत देर हो चुकी होती है. हमारा सुख देख नहीं पाते. कुछ ही भाग्यशाली लोंग होते हैे, जो अपने मां-बाप को खुशी उनते जीतेजी दे पाने में सफल होते हैे. समाज का दूसरां पहेलुं भी हैं, जहां कई मा-बाप अपने संतान से परेशान होते हैें. जीवन के आखरी पडाव में उनती हालत दयनीय हो जाती हैं.
विसामो की सेवा उन निसहाय बुजुर्गों के लिए जिन्हें भोजन की तकलीफ हैं. जो अपने हीं घर में अकेले रहेते है. जो खुद से भोजन पकाने में काबिल नहीं हैं. जिनकी देखभाल करनेवाला कोई नहीं हैं.
विसामो टिफीन सेवान के साथ जुडने के लिए
TAGS : #food #elderly #crowdfunding #meal #helpinghand #help #bhojan

Comments
Post a Comment